I HATE YOU BECAUSE OF THE WAY U LOOK AT ME,
I HATE YOU BECAUSE YOU MAKE ME FEEL THAT YOU KNOW BETER THAN ME.
I HATE YOU BECAUSE OF THE LOOK IN YOUR EYES THT SAYS A MILLION THINGS TO ME
I HATE YOU BECAUSE OF YOUR SMILE THAT PENETRATES THROUGH MY HEART,
I HATE YOU BECAUSE ITS YOUR THOUGHT THAT HITS ME WHEN THE DAY STARTS.
I HATE YOU ITS NOT HATE EVEN CLOSEST TO WHAT I FEEL FOR YOU THE LAST.
SO WHAT IF I AM ALONE I STILL HAVE MYSELF....
WHEN I WANT A GOOD SONG ,I HAVE TO TRUST NONE ELSE.
OH YES'I AM ALONE BUT ITS DIFFERENT FROM LONELINESS THAT PEOPLE THINK I FEEL...
THOSE WHO WANT TO FALL IN LOVE CAN START BY LOVING ME...
koshish...
वो लम्हे
नयी शुरुवात के साथ कुछ खट्टी मीठी यादो
को संजोना चाहती हूँ
को संजोना चाहती हूँ
Wednesday, September 8, 2010
Friday, June 25, 2010
wriiten by you ,,m jst copying it here...
खोया है कोई ,तनहा रोया है कोई ,
अरमानो को दफनाए ,अश्को को छिपाए
कोई देखता है हर दिन ख्वाब नया ,
लगाकर हर पल उम्मीद नयी
वो हँसता भी है,वो गाता भी है
जब रोता है,तो मुस्कुराता भी है ,
वो अललड़ भी है, वो पगला भी है
हर ठोकर खाकर संभला भी है
जीता भी है मरने के लिए ,
देखो कैसे मर के कैसे जीता है कोई
हर चाहत से परे वो रहता है,
आंसू की मंदिरा पीता है
गूम है वो अनजाना सा ,
अपना होकर भी बेगाना सा
है डरता है खुद की आहट से,
खो जाता है जाने कहा कोई ,
ये रिश्तों को अपनाता है,
बस अपनों को यह चाहता है ,
वो रोता है ,हंसाता है
फिर खुद पर हंसकर छिप जाता है
फिर करके किस्सा याद कोई ,
जाने कहा खो जाता है ,
वो सबके ही तो जैसा है ,
कभी पूछे कोई वो कैसा है ,
रूठता है,खुद मान जाता है,
बस हंस कर हर गम भुलाता है,
सबको कुछ सिखलाता है ,
देखो ऐसा भी होता है इंसान कोई.....
देखो ऐसा भी होता है इंसान कोई.......
अरमानो को दफनाए ,अश्को को छिपाए
कोई देखता है हर दिन ख्वाब नया ,
लगाकर हर पल उम्मीद नयी
वो हँसता भी है,वो गाता भी है
जब रोता है,तो मुस्कुराता भी है ,
वो अललड़ भी है, वो पगला भी है
हर ठोकर खाकर संभला भी है
जीता भी है मरने के लिए ,
देखो कैसे मर के कैसे जीता है कोई
हर चाहत से परे वो रहता है,
आंसू की मंदिरा पीता है
गूम है वो अनजाना सा ,
अपना होकर भी बेगाना सा
है डरता है खुद की आहट से,
खो जाता है जाने कहा कोई ,
ये रिश्तों को अपनाता है,
बस अपनों को यह चाहता है ,
वो रोता है ,हंसाता है
फिर खुद पर हंसकर छिप जाता है
फिर करके किस्सा याद कोई ,
जाने कहा खो जाता है ,
वो सबके ही तो जैसा है ,
कभी पूछे कोई वो कैसा है ,
रूठता है,खुद मान जाता है,
बस हंस कर हर गम भुलाता है,
सबको कुछ सिखलाता है ,
देखो ऐसा भी होता है इंसान कोई.....
देखो ऐसा भी होता है इंसान कोई.......
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